हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने स्टॉकहोम के ऑब्ज़र्वेटरी लिडेन पार्क में इकट्ठा होकर गाज़ा और लेबनान में चल रही इज़राइली सैन्य कार्रवाइयों के ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारी फ़िलस्तीन, लेबनान और ईरान के झंडे लिए हुए थे और उनके बैनरों पर "नागरिकों की हत्या रोको "गाज़ा पर खाद्य नाकाबंदी हटाओ" और "लेबनान व ईरान पर हमले बंद करो" जैसे नारे लिखे थे।
यह प्रदर्शन नागरिक समाज और जन समूहों के एक गठबंधन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें इज़राइली अपराधों के कारण बिगड़ती मानवीय स्थिति पर वैश्विक प्रतिक्रिया की कड़ी आलोचना की गई।
स्वीडिश राजनीतिक कार्यकर्ता ड्रॉर फेलर ने अपने संबोधन में इज़राइली नीतियों को क़ाबिल-ए-मलामत करार दिया और वैश्विक समुदाय पर जानबूझकर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया।
फेलर ने इज़राइल और अमेरिका के ईरान पर संयुक्त हमलों को अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया और स्वीडिश सरकार से मांग की कि वह इज़राइल को हथियारों की बिक्री तुरंत बंद करे।
प्रदर्शनकारियों ने गाज़ा में अंतरराष्ट्रीय सिमूद फ़्लोटिला के ख़िलाफ़ इज़राइली कदमों पर यूनान के अमानवीय रुख़ पर भी प्रदर्शन किया।
आपकी टिप्पणी